(Software Engineering) सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्या होती है?
सॉफ्टवेयर इंजीनिरिंग:- वर्तमान समय में टेक्नोलॉजी का उपयोग बहुत बढ़ गया है बहुत से छात्र टेक्निकल इंजीनियरिंग में करियर बनना चाहते हैं। इंजीनियरिंग कोर्स कई प्रकार के होते है जिनमे से एक है।
कई छात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते है क्योंकि इसका future bright है, कंप्यूटर, मोबाइल, स्मार्टवॉच जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, किसी न किसी सॉफ्टवेयर पर काम होते हैं।
सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग एक प्रकार का इंजीनियरिंग कोर्स है जिसमे विभिन्न प्रकार के software की designing, deployment, maintaining, testing सिखाया जाता है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का अर्थ एक ऐसी इंजीनियरिंग से है जिसमें कंप्यूटर सिस्टम तथा किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है। जिससे वह user दिए गए कार्य को पूरा का सके.
सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रोग्रामिंग तथा डिजाइनिंग करके इन सॉफ्टवेयरों तथा ऍप्लिकेशनों का निर्माण करते है। Software का निर्माण Computer पर किये जाने वाले कार्य करने को Simple बनाने के लिये किया जाता है।
एक software की ये कुछ विशेषताए (characteristics) है।
1.Robustness:- सॉफ्टवेयर में robustness होनी चाहिए जिससे कि सॉफ्टवेयर में defects तथा failure को detect किया जा सकें।
2.Security:- सॉफ्टवेयर में security बेहतर होनी चाहिए जिससे कि सॉफ्टवेयर सम्पूर्ण सुरक्षा बनी रहें और वह threats से सुरक्षित रहें। इससे virus आने का खतरा कम हो जाता हैं ।
3.Reliability:- सॉफ्टवेयर reliable होना चाहिए अर्थात इसमें कोई defects नही होने चाहिए।
4.Flexibility:- सॉफ्टवेयर flexible होना चाहिए अर्थात अगर सॉफ्टवेयर में कुछ बदलाव करने है तो वह आसानी से किये जा सकें। Developer को किसी प्रकार की कठिनाई नही आनी चाहिए।
5.Testability:- सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग आसानी से की जा सकें। इसमे कोई परेशानी (problem) नहीं आना चहिये।
6:-Platform independent:- सॉफ्टवेयर Platform independent होना चाहिए, अर्थात वह किसी भी प्रकार के सिस्टम में आसानी run हो सकें। और दिए गए task या कार्य को पूरा कर सके।
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