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Waterfall Model क्या होता है, कैसे काम करता हैं?

Written By Vivek on Thursday, September 26, 2019 | September 26, 2019

Waterfall Model in Hindi:-


सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के लिए Waterfall model SDLC (System Development Life Cycle ) का एक software Development reference model है ! जिसकी Theory और सिद्वांतो को ध्यान में रखते हुए किसी भी Software Application को बनाया जाता है ! यह एक Popularऔर Liner Sequence software development model है ! हम वॉटरफॉल मॉडल में phases को overlap नही कर सकते है। और जब एक Phase Complete हो जाता है तो वापस पिछले वाले Phase पर काम नहीं किया जायेगा यानि यह ऊपर से निचेकी ओर चलता है ! एक पानी के झरने की तरह इसलिए इसका नाम Waterfall model है ! 

इस model को 5 भागो में विभाजित किया गया है ! जसको Phase भी बोला जाता है !



"कल्पना कीजिए (Imagin)"

एक बार जब पानी चट्टान के किनारे से पहाड़ के नीचे की ओर गिरने लगता है और यह पानी ऊपर की ओर वापस नही जा सकता है।, उसी प्रकार यह कार्य करता है|



इसी प्रकार waterfall model भी कार्य करता है, एक बार डेवलपमेंट का एक phase पूरा हो जाता है तो हम अगले phase में जाने के बाद वापस पिछले phase में नही जा सकते है।




1 Requirement phase:- Requirement phase वॉटरफॉल मॉडल का सबसे पहला phase है। इस फेज में सिस्टम की requirements को चेक करके तथा documented तैयार किया जाता है। इसी पर आगे के phase आधारित होते हैं।


2 Design phase:- इस Phase में Requirement Phase में किये गए work का एक blue Print रूप में त्यार किया जाता है इसमें Software का data base set किया जाता है! जिससे आगे Develop होने वाली Software application में problem को solve किया जा सके


3 Implementation phase:- Waterfall model में यह सबसे लम्बा चलने वाला Process है ! इस process में Real Hardware पर काम किया जाता है !उसका Data base design किया जाता है! program की Coding की जाती है Platform पर run किया जाता है! सॉफ्टवेयर को टेस्टिंग,कोडिंग, तथा Debugging प्रोसेस से होकर गुजरना पड़ता है। वॉटरफॉल में यह सबसे लम्बे समय तक चलने वाला phase है।


4 verification phase:- इस Process में Software को verify किया जाता है उसको Evaluate किया इसमें Software की हर area से Testing की जाती है ! और यह कोसिस रहती है की इसमें किसी भी प्रकार का Running deflection नहीं हो अगर ऐसा हुवा तो लोग इसका use नहीं करेंगे और जिस Purpose के लिए software को develop किया गया है वह पूरा नहीं हो पायेगा और अंत में यह result निकला जाता है की Clint की जिस Requirement पर Software develop किया है ! वह उसकी Requirement को फुलफिल करता है या नहीं


5 Maintenance phase:- यह वॉटरफॉल का सबसे अंतिम phase है। जब सिस्टम बनके तैयार हो जाता है तथा यूजर उसका प्रयोग करना शुरू कर देते है तब जो problems उसमें आती है उनको time-to-time हल करना पड़ता है। तैयार सॉफ्टवेयर को समय अनुसार उसका ख्याल रखना तथा उसे maintain रखना ही maintenance कहलाता है। 

SDLC में तीन प्रकार के Maintenance होते है:-

1. Adaptive maintenance
2. Corrective maintenance
3. Perfective maintenance.


Note:- आपको यह waterfall model की पोस्ट कैसी लगी हमें comment के द्वारा बताइए तथा इसे अपने दोस्तों के साथ share ↷ करें. अगर आपको किसी Subjects/ Topic को लेकर कोई सवाल या  कोई सुझाव है, तो हमें बतायें हम उसका एक या दो दिन में उत्तर देने का प्रयत्न करेंगे।

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